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साल 2021 से विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर भर्ती के लिए पीएचडी अनिवार्य

साल 2021 से विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर भर्ती के लिए पीएचडी अनिवार्य

साल 2021 से विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर भर्ती के लिए पीएचडी अनिवार्यनई दिल्ली : विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उच्च गुणवत्ता संपन्न शिक्षकों तथा अन्य शैक्षिक स्टॉफ को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने के लिए यूजीसी ने नए नियम बनाए हैं।

यह जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दी।

नए नियम इस प्रकार हैं-

# साल 2010 के नियम और बाद के संशोधनों में शिक्षको के प्रोत्साहन संबंधी प्रावधान बने रहेंगे। इनमें एम.फिल / पीएचडी के लिए प्रोत्साहन शामिल है।

# एपीआई आधारित पीबीएएस प्रणाली समाप्त कर दी गई है। एक नई सरल शिक्षक मूल्यांकन ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है और शोध कार्य में सुधार के लिए विश्वविद्यालयों के लिए शोध अंक जोड़े गए है।

# विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए सीएएस के अंतर्गत पदोन्नति मानक को और अधिक शोध केन्द्रित बनाया गया है जबकि कॉलेज शिक्षकों के मामले में सीएएस मानक में शिक्षण पर अधिक फोकस किया गया है।

# पहली बार कॉलेज में प्रोफेसर स्तर तक पदोन्नति के लिए प्रावधान किया गया है।

# शीर्ष 500 ग्लोबल रैंकिंग के विश्वविद्यालय / संस्थान से पीएचडी डिग्री प्राप्तकर्ताओं के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेज में सहायक प्रोफेसर की भर्ती के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।

# नियम में विश्वविद्यालयों / कॉलेज / उच्च शिक्षण संस्थानों में सहायक प्रोफेसर की नई भर्ती के लिए एक महीने के इंडक्शन कार्यक्रम को लागू करने का प्रावधान है।

# जुलाई 1, 2021 से कॉलेज में सहायक प्रोफेसर (सेलेक्शन ग्रेड) पद पर पदोन्नति के लिए पीएचडी डिग्री को अनिवार्य बना दिया गया है। विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर की सीधी भर्ती के लिए पीएचडी डिग्री अनिवार्य होगी। लेकिन, नेट और पीएचडी डिग्री के साथ स्नातकोत्तर डिग्री कॉलेज में सहायक प्रोफेसरों के पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता मानक बनी रहेगी।

# पहली बार विश्वविद्यालयों और कॉलेज में एमओओसी तथा ई-कंटेंट के मामले में सीएएस के लिए भारिता (वेटेज) निर्धारित की गई है।

# शोध सुविधाएं, कौशल तथा संरचना साझा करने के लिए राज्य के अंदर विश्वविद्यालयों में रिसर्च क्लास्टर बनाए जाएंगे ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल बन सके।

# विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर की वर्तमान स्वीकृत संख्या के 10 प्रतिशत तक वरिष्ठ प्रोफेसरों के रूप में नियुक्ति की जाएगी। विश्वविद्यालयों में वरिष्ठ प्रोफेसर की नियुक्त सीधी भर्ती के माध्यम से तथा सीएएस के अंतर्गत पदोन्नति के जरिए होगी।

# कॉलेज शिक्षकों को पीएचडी /एम फिल स्कॉलर के शोध निरीक्षण के लिए विश्वविद्यालय अनुमति देंगे और आवश्यकता आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

# खेलों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सहायक निदेशक / कॉलेज निदेशक, शारीरिक शिक्षा तथा खेल और उप-निदेशक, शारीरिक शिक्षा और खेल के लिए पात्रता मानक में ओलिंपिक, एशियाई खेलों तथा राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं की विशेष श्रेणी बनाई गई है।

Last modified onThursday, 14 June 2018 11:30

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